शिवानंद तिवारी काफी समय के बाद एक बार फिर बिहार की राजनीति में अपने बयानों को लेकर सबसे ज्यादा सुर्खियां में हैं। काफी समय तक राजनीति से दूर रहने के बाद शिवानंद तिवारी ने लालू प्रसाद के साथ अपनी दूसरी पारी शुरूअत धुआंधार किया है। विपक्ष पहले तो शिवानंद को बारहवां खिलाड़ी मान रहा था, पर जिस तरह से उन्होंने राजनीति के पिच पर लंबे लंबे शार्ट मारे हैं। विपक्ष का हर कोई इस खिलाड़ी को घेरने में लगा हुआ है। पिछले कई दिनों से शिवानंद तिवारी मीडिया से लेकर के विरोधियों के जुबान पर चढ़े हुए हैं।

न्यूज़ बिहार को दिए गए बयान में शिवानंद तिवारी ने एक ऐसा गूगली फेंका है, जिसमें जदयू और भाजपा दोनों को अपना विकेट बचाने में मुश्किल होने वाली है। शिवानंद तिवारी ने कहा है, नीतीश कुमार तेज़ आदमी हैं। जब लालू यादव के साथ थे तब सुशील कुमार मोदी विरोधी दल के नेता हुआ करते थे। आदतन नीतीश कुमार पर रोज़ाना हमला करना सुशील मोदी की दिनचर्या में शामिल था। शिवानंद कहते है, मुझे याद है सुशील मोदी के आरोप पर मीडिया वालों के सवाल पूछने पर जवाब में नीतीश कुमार ने कहा था कि सुशील मोदी क्या बोलते हैं, उसको मैं पढ़ता भी नहीं हूँ। उनको जवाब देने के लिए हमारे संजय सिंह पर्याप्त हैं। आजकल सुशील मोदी, लालू यादव के विरुद्ध जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उसको देखकर उनमें और संजय सिंह में फ़र्क़ करना मुश्किल है। लालू यादव के विरुद्ध सुशील मोदी के बयानों की भाषा पढ़कर नीतीश का उनके बारे में जो आकलन था, उसका मुझे सहसा स्मरण हो रहा है।


शिवानंद तिवारी कहते हैं कि तकलीफ़ होती है, सुशील और हम एक साथ कुछ महीने जेल में रहे हैं। मैं तो संजय सिंह से कहीं ऊँचे क़द का नेता उनको समझता था। लेकिन संजय के साथ उनको प्रतियोगिता करते देख कर बड़ी तकलीफ़ होती है। न्यूज़ बिहार को भेजे गए अपने लिखित बयान में शिवानंद तिवारी ने उपरोक्त बातों को कहा है आगे देखना होगा कि शिवानंद तिवारी द्वारा उछाली गई इस गेंद को सबसे पहले कौन लपकता है।

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