जैसी संभावना व्यक्त की जा रही थी बिल्कुल वैसा है हुआ। गुजरात और हिमाचल के चुनाव के बाद सरकार दोनों राज्यों में बनेगी परंतु उसके असर बिहार में दिखाई देने लगे हैं। एक तरफ जहां भाजपा और एनडीए के घटक दल खुशियां मना रहे हैं। वहीं विपक्ष हार के बाद भी एक हद तक बढ़े हुए जनाधार और सीट को लेकर संतुष्ट दिखाई दे रहा है। पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और जदयू के बीच का जंग यथावत जारी है।

जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि आदरणीय लालु प्रसाद जी एक ज्योतिषी को राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाये। जिन्होंने न जाने कैसी सलाह दिया की इन्होने कहा कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की जीत नहीं होगी। परिणाम आ गया और बीजेपी की जीत तो गई। तो लालुजी “प्रथम ग्रासे मच्क्षिका”! जैसे ही ज्योतिषी से सलाह लिए राजनीति में एक्सीडेंट हो गया ?

नीरज आगे कहते हैं कि और दुखद पक्ष यह है की बेचारे बाप-बेटा यही बैठकर जाप कर रहे थे। राहुल गाँधी ने इन को लंच और डिनर कराया, लेकिन गुजरात चुनाव में इनको बुलावा तक नहीं मिला। यह तो लालु प्रसाद की बड़ी राजनीति में दुर्गति है! साथ ही साथ देश में व्यापक गोलबंदी की बात लालु प्रसाद कर रहे हैं।

नीरज कहते हैं कि आप जहाँ जहाँ पड़ियेगा लालुजी कोई विकल्प बनने की स्थिति में नहीं है। क्यूंकि आप राजनीति के सजायाफ्ता व्यक्ति हैं! आपका परिवार भ्रष्टाचार का आरोपी है! देश की नई पीढ़ी भ्रष्टाचार को शिष्टाचार नहीं मानती है। इस बात का आदरणीय लालू जी आपको आत्ममंथन करना चाहिए! इसके साथ ही इन सब के चक्कर में लालू प्रसाद आप मत रहिये, आप कोर्ट-कचहरी जाते रहिये। क्योंकि वही आपके लिए राजनीति में फायदेमंद होगा।

अब जबकि जदयू के तरफ से लालू प्रसाद पर सीधे सीधे हमला किया गया है। यह निश्चित है कि इस हमले का जवाब राजद और लालू के तरफ से भी आएगा। गुजरात और हिमाचल के चुनाव परिणाम से ये तो निश्चित है कि लालू के अभियान विपक्षी एकजुटता में वर्चस्व को थोड़ा झटका जरूर लगा है। वहीं इस चुनाव परिणाम ने एक बात तो साफ कर दिया है, कांग्रेस के ताजा ताजा अध्यक्ष बने राहुल गांधी के कद को थोड़ा बड़ा कर दिया है। देखना होगा इस जीत के बाद भाजपा का एक्शन और रिएक्शन कैसा रहता है।

इस चुनाव ओरिणाम से बिहार में एक बात ये भी देखने को मिली कि एनडीए से नाराजगी दिखाने वाले दल और नेता के भी सुर बदल गए हैं। हालाँकी बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने जब से एनडीए का साथ पकड़ा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की श्रेष्ठता को स्वीकार कर लिया है। अगले चुनाव में भी जीत के साथ प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी को पुनः स्थापित होने की भी भविष्यवाणी कर दी है। चुनाव परिणाम के बाद सबसे पहले बधाई भी नीतीश कुमार ने पीएम मोदी को दिया।

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