आरा : प्राथमिकी दर्ज करने के बाद केस को रफा दफा करने के लिए भोजपुर पुलिस के एक दारोगा द्वारा रिश्वत मांगे जाने के मामले में सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऑडियों की जांच के बाद भोजपुर एसपी अवकाश कुमार के आदेश पर मुफस्सिल थाना के दारोगा मोहन को सस्पेंड कर दिया गया है। आरोपी दारोगा के खिलाफ कार्रवाई पहले से सुनिश्चित थी। इस मामले की जांच का जिम्मा भोजपुर एसपी अवकाश कुमार ने आरा एसडीपीओ संजय कुमार को सौपा था। एसडीपीओ संजय कुमार ने जांच के बाद संबंधित रिपोर्ट एसपी को सौंपी थी, जिसमें घटना की पुष्टि भी हुई थी।

बता दें कि मुफस्सिल थाना के दारोगा मोहन द्वारा एक महिला से रिश्वत की मांग करने से संबंधित ऑडियो के वायरल होने के बाद भोजपुर एसपी अवकाश कुमार ने इस मामले की गहन तफ्तीश कर कार्रवाई करने का आदेश एसडीपीओ संजय कुमार को दिया था। घटना के बारे में मिली जानकारी के अनुसार मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चना गांव में आपसी विवाद में हुई मारपीट में एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस एक वृद्ध ललन चौधरी समेत तीन लोगो को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी। जारी ऑडियों के मुताबिक मुफस्सिल थाना के दारोगा मोहन ने हिरासत में लिए गए वृद्ध की बहू पूजा को फोन किया और पकड़े गए लोगों को जमानत पर छोड़ने के लिए उससे दस हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। जबकि बातचीत के बाद पांच हजार पर ही सौदा तय हो गया। बातचीत के दौरान धमार पंचायत की सरपंच राधिका देवी के पति रामदेव गुप्ता भी थाने पर मौजूद थे, जिन्हें जारी ऑडियों में दारोगा ने दलाल कहकर संबोधित किया था और पूजा से किसी दूसरे के माध्यम से रिश्वत उपलब्ध कराने की बात कही थी। बाद में जब पूजा ने सरपंच पति को पूरी घटना की जानकारी दी और दारोगा से हुई बातीचीत का ऑडियो उन्हे सुनाया तो वे भी गुस्से से लाल हो गए। इस घटना के बाद से ही उक्त ऑडियों सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और चर्चा का विषय बना।

इस संबंध में भोजपुर एसपी अवकाश कुमार ने बताया कि रिश्वत लेने वाले पुलिस कर्मियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इसी क्रम में रिश्वत लेने की घटना की पुष्टि होने पर मुफस्सिल थाना के दारोगा मोहन को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

Subscribe us on whatsapp