राजनीति एक अलग चीज है जब तक आप पार्टी और व्यवस्था के हां में हां मिलाते हैं तब तक आप को कोई परेशानी नहीं होने वाली पर जैसे ही अब विरोध शुरू करते हैं अब बेगाने हो जाते हैं ऐसा ही वाकया भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा के साथ सोमवार को घटी जब वे धरना पर बैठे हुए थे।

(तस्वीर साभार)

आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री रह चुके यशवंत सिन्हा किसानों के मुद्दे और उनकी समस्याओं को लेकर पुलिस मुख्यालय का घेराव कर रहे थे। इस दौरान कुछ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें चाय-नाश्ते की पेशकश कर दी। जिसके एक नया विवाद शुरू हो गया है। चाय का ऑफर करने वाले पर महाराष्ट्र सरकार के आला अधिकारियों ने कथित तौर उस व्यक्ति को कड़ी डांट पिलाई तथा चाय ऑफर किए जाने पर आपत्ति भी जताई है।


विश्वस्त सूत्रों के अनुसार घटना सोमवार के देर शाम की है जब यशवंत सिन्हा के साथ अन्य कई किसानों को पुलिस मुख्यालय के बाहर आंदोलन शुरू करने के बाद हिरासत में ले लिया गया था। हिरासत में यशवंत सिन्हा को कुछ पुलिस अधिकारियों ने चाय एवं हल्के नाश्ते की पेशकश की जिस पर उनके आला अधिकारियों द्वारा गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया।
सूत्रों से मिली खबर के अनुसार यशवंत सिन्हा को चाय-नाश्ता पूछे जाने को लेकर जिला कलेक्टर के एक अधिकारी ने कथित तौर पर आपत्ति जताई और इस पेशकश के लिए उन्हें झाड़ लगाई। इस मामले पर जब यशवंत सिन्हा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इस आशय की जानकारी उन्हें कार्यकर्ताओ से मिली है। मैंने स्वयं इस तरह की बात सुनी या देखी नहीं है पर यदि इस तरह की कोई बात है तो वो ठीक नहीं है। वैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के नीतियों का लगातार यशवंत सिन्हा विरोध कर रहे हैं।

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