मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से वक्त रहते कांग्रेस नेताओं को सीख लेना चाहिये। जनता दल यू के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने ठंड के कारण कांग्रेस की ओर से 19 जनवरी से प्रारंभ होने वाली ‘आमंत्रण यात्रा’ की तिथि टालने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस अब किसी न किसी बहाने जनता के बीच जाने से बच रही है।

नीरज ने कहा कि एक ओर जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी इस कड़ाके की ठंड में भी गांव-गांव जाकर विकास कार्यों का समीक्षा सरजमीं पर पहुंच कर रहे हैं। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान आम लोगों से मिल कर उनकी समस्याओं से रूबरू हो रहे हैं।  वहीं कांग्रेस अपनी यात्रा के स्थगित करने के लिए ठंड का हवाला दे रही है।

नीरज ने कहा कि हीटर से निकलने वाले ही जनता के हितकर हो सकते हैं। वैसे कांग्रेस के के नेता सुविधा पसंद है। पर जब कुछ करना चाहते हैं तो कांग्रेस नेताओं को कम से कम सार्वजनिक जीवन में मुख्यमंत्री से शिक्षा लेनी चाहिए कि लोकतंत्र में जनता की सेवा करना ही धर्म है और इसके लिए मौसम कभी आड़े नहीं आता। ऐसे भी मुख्यमंत्री कई मौकों पर कह चुके हैं हि उन्हें पटना में बैठकर सरकार नहीं चलानी है।

वैसे,  हो सकता है कि कांग्रेस को राजद की संगत का भी प्रभाव पड़ गया हो। कांग्रेस के नेताओं को भी अब राजद के नेताओं की तरह सार्वजनिक जीवन में रहने के बावजूद एसी कमरे और अपने घरों से निकलने में तकलीफ का अनुभव होता है।

भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद के राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद जी ने भी अदालत में न्यायाधीश के सामने जेल में ठंड लगने की बात करते हैं। ऐसे नेताओं को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सिखने की जरूरत है, जिनको बिहार के लोगों की सेवा करने में न ठंड का एहसास होता है न गरमी का अनुभव।

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