नई दिल्ली, काफी समय से भोजपुरी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का जोहार होता आ रहा है। यूपीए सरकार के शासन में जब चिदंबरम ने संसद में बोल कर इस भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की बात कही थी। तब से भोजपुरी सियासत की भाषा बन कर रह गई है। आज के प्रधानमंत्री और तब भाजपा के चेहरा रहे मोदी ने भोजपुरिया क्षेत्र में प्रचार के दौरान भोजपुरी बोल कर फिर से आस जगा दिया। उसके बाद तो यह सिलसिला अश्विनी चौबे, मनोज तिवारी, राजनाथ सिंह, राजीव प्रताप रूडी और अनेकों ने समय समय पर भोजपुरी के प्रति अपना सियासी प्रेम दिखाया। परंतु भोजपुरी को तीन साल बीतने के बाद भी उसका अधिकार नही मिला जबकि 11 करोड़ से ज्यादा लोगों की भाषा और कई देशों में बोली जाने वाली भोजपुरी सबसे तेजी से बढ़ने वाली भाषा है। 


भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मुहिम में कई संगठन जुड़े हैं। व्यक्तिगत तौर पर भी ऐसे लोगों की संख्या बहुत अधिक है। इस आंदोलन को पूरे मन से लड़ने वाला एक संगठन है, भोजपुरी जन जागरण अभियान जिसके राष्ट्रीय संयोजक राजेश भोजपुरिया जी से न्यूज़ बिहार के निदेशक और प्रोग्रामिंग हेड विजय मिश्र बाबा से बात हुई। राजेश जी ने बताया कि 9 अगस्त 2017 दिन बुधवार के दिन दिल्ली के जंतर मंतर पर विशाल समूह के साथ धरना प्रदर्शन कईल जाई। ई प्रदर्शन कवनो पहिला हाली नईखे होत, भोजपुरिया समाज अउरी भोजपुरी जन जागरण अभियान के बैनर के नीचे आंदोलन लगातारा हो रहल बा। राजेश भोजपुरिया ने कुछ मुद्दे बताए जैसे कि
1) भोजपुरी को संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल करना।

2)भोजपुरी साहित्य अकादमी, संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के राष्ट्रीय पत्रता परीक्षा में शीघ्र शामिल हो। 

3) भाषा- संस्कृति विषयक अनुसंधान, साहित्य निर्माण सहित प्रकाशन व्यवस्था, भाषाविद्, रंगकर्मी, साहित्यकार, पत्रकार,समाजसेवी, शिक्षक, कलाकारों के सम्मान पुरस्कार की योजना को मान्यता प्रदान किया जाए।

4) भोजपुरी भाषी प्रदेश(बिहार,झारखण्ड,उत्तरप्रदेश,छत्तीसगढ़,मध्यप्रदेश,दिल्ली) में सरकार द्वारा भोजपुरी को द्वितीय राजभाषा का दर्जा सहित समस्त अधिकार प्रदान किया जाए।

5) भोजपुरी भाषा, संस्कृति, साहित्य, शिक्षा क्षेत्र और समाज के विकास के लिए प्रभावी योजना लागू हो। 

6) प्राथमिक स्तर से स्नातकोत्तर स्तर तक भोजपुरी की पढ़ाई की व्यवस्था और भोजपुरी विषय से डिग्रीधारी छात्रों को पात्रता के अनुरूप रोजगार की व्यवस्था हो।
अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राजेश ने इन छह  मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किये जाने की बात कही। उन्होंने बताया कि धरना अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष पटेल के नेतृत्व में होगा, जिसमें भोजपुरी भाषा भाषी प्रांत के भोजपुरिया समाज का जुटान होगा। पूर्वांचल एकता मंच के अध्यक्ष श्री शिवजी सिंह और कांग्रेस के पूर्व सांसद श्री महाबल मिश्रा ने इस धरना में शामिल होने की स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही साथ अखिल भारतीय भोजपुरी लेखक संघ, भोजपुरी साहित्य विकास मंच,पश्चिम बंगाल, भोजपुरी एसोसिएसन ऑफ इंडिया, भोजपुरी समाज जमशेदपुर, झारखंड, प्रगतिशील भोजपुरी समाज, देवरिया, भोजपुरी भारती, छपरा, भोजपुरी आंदोलन, मुजफ्फरपुर, पुरवइया, इंद्रप्रस्थ भोजपुरी परिषद,नई दिल्ली, यूथ पार्टी के अलावा भोजपुरी की अन्य कई संस्थाओं ने शामिल होने के साथ पूर्ण समर्थन दिया है। इसके साथ ही आंदोलन के संयोजक राजेश भोजपुरिया ने भोजपुरी समाज के लोगों को इस आंदोलन में शामिल होने और जुड़ने का आह्वान किया।