लालू जाएंगे जेल, रांची में चल रहे चारा घोटाला केस में बड़ा खुलासा, लालू को चारा घोटाले का पैसा आर के राणा और ध्रुव भगत पहुंचाते थे। कल हुई सुनवाई के दौरान एक बड़ी बात निकल कर सामने आ रही है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्रा को चारा घोटाले का पैसा एक बार 50 लाख तथा दुबारा 25 लाख की राशि दिया गया था।

इसके अलावे चारा घोटाले की राशि और भी कई राजनीतिज्ञों को रांची स्थित पशुपालन विभाग के तत्कालीन संयुक्त निदेशक श्याम बिहारी सिन्हा के माध्यम से मिलती थी। सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले में सोमवार को दस अभियुक्तों को सजा सुनाई। इनमें राजद के पूर्व सांसद आरके राणा और बिहार विधानसभा की लोक लेखा समिति के तत्कालीन चेयरमैन व पूर्व भाजपा नेता ध्रुव भगत भी शामिल हैं। फैसला सुनने के बाद कोर्ट से बाहर आते ही ध्रुव भगत भड़क गए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, की “अब इंसाफ मिलेगा तो नक्सलियों के यहां ही मिलेगा। नक्सली इससे अच्‍छा इंसाफ देंगे। यहां लोकतंत्र खत्म हो गया है। आम पब्लिक आखिर कैसे विश्वास करेगा।


ध्रुव भगत आगे कहते हैं कि इ हमको समझ में नहीं आ रहा है, 35 लाख की निकासी के मामले में एतना बड़ा सजा दिया गया। जहां करोड़ों रुपया निकाल लिया गया, वहां इससे कम सजा। अब न्यायपालिका को इस पर विचार करना चाहिए और हम का बोलें। इ हाल रहा, तो लोग एक्सट्रीमिस्ट के पास जाएंगे, वहीं इंसाफ मिलेगा।

चारा घोटाले में सजायाफ्ता ध्रुव भगत से जब पूछा गया कि क्या आप फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में जाएंगे। यह पूछे जाने पर भगत ने कहा कि स्वभाविक है न्याय की गुहार अंतिम डर तक लगाऊंगा। आगे बोले कि ऐसा निर्णय तो हमने अपने 64 साल की उम्र में कभी नहीं सुना।

झारखंड की राजधानी रांची की केन्द्रीय जांच ब्यूरो की विशेष अदालत ने आज यहां चारा घोटाला के नियमित मामले 33ए / 96 में पूर्व सांसद आर के राणा और पूर्व विधायक ध्रुव भगत को पांच-पांच वर्ष तथा दो-दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश सीता राम प्रसाद की अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए श्री राणा और ध्रुव भगत समेत दस लोगों को सजा सुनाई। न्यायाधीश ने राणा को पांच वर्ष और दो लाख रुपये, ध्रुव भगत को पांच वर्ष और दो लाख रुपये, ओम प्रकाश दिवाकर और अजीत कुमार सिंह को छह वर्ष और दो लाख रुपये, राकेश प्रसाद सिन्हा को पांच वर्ष और एक लाख रुपये तथा भानु कुमार दूबे को चार वर्ष जेल और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

इसके अलावे अन्य आरोपियों को न्यायाधीश ने जो सजा सुनाई उसमें बालकृष्ण दूबे को चार वर्ष और पांच लाख रुपये ब्रजभूषण प्रसाद को पांच वर्ष और एक लाख रुपये, राजेश कुमार सिन्हा को पांच वर्ष की सजा और एक लाख रुपये तथा नरेश प्रसाद को चार वर्ष जेल तथा आठ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। चारा घोटाले के कुल 53 मामलों में से इस 44 वें मामले में सजा सुनाई गयी। अब चारा घोटाला के केवल नौ मामले बचे है जिनमें से पांच मामले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव से सम्बन्धित है। जब की इस बात का खुलासा हो चुका है कि लालू प्रसाद और पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र को रुपये चारा घोटाला के माध्यम से मिलते थे। ऐसे में यह साफ है कि दोनों को जेल जाना पड़ेगा।

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