न्यूज़ बिहार डेस्क: राजधानी पटना भी वायु प्रदूषण के मामले में पीछे नहीं है. यहां लगातार प्रदूषण बढ़ते ही जा रहा है. इसके नियंत्रण के मद्देनजर पटना में जल्द ही CNG मिलना शुरू होगा. उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अपने सचिवालय स्थित कक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक की. इस बैठक में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर चर्चा हुई. उन्होंने सभी अधि‍कारियों निर्देश दिए कि सभी वाहनों पर प्रदूषण नियंत्रण जांच का स्टीकर लगाना अनिवार्य किया जाए.

प्रदूषण नियंत्रण परिषद को उन्होंने निर्देश दिया कि एक तीन सदस्यीय कमिटी बना कर वाहन प्रदूषण जांच केन्द्रों के उपकरणों की जांच कराई जाए. पटना स्थित सभी चार सचिवालयों में सरकारी वाहनों की जांच कर उन्हें प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र दिया किया जाय.उन्होंने बताया कि जीएआईएल के द्वारा मार्च तक पटना में सीएनजी स्टोरेज स्टेशन का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा. अगले दो साल में सीएनजी के पांच रिफलिंग स्टेशन काम करने लगेंगे.

पटना नगर निगम को उन्होंने निर्देश दिया कि कचरा तिरपाल से कवर करके ढोया जाए. सार्वजनिक स्थानों, सड़कों पर बालू व अन्य भवन निर्माण सामग्री रखने पर सख्ती से रोक लगायी जाए. कचरा जलाने पर व्यक्ति विशेष से पांच हजार तथा संस्थाओं से 25 हजार रुपए का दंड वसूला जाय.
पटना जिले के पांच प्रखंडों में ईंट-भट्ठों की स्थापना पर रोक लगा दी गई है तथा पूर्व से संचालित ईंट-भट्ठों को नई तकनीक अपनाने तक संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी. 

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