न्यूज़ बिहार डेस्क, पटना शिक्षा जब एक व्यक्ति गुरु की भूमिका में खुद को पूर्ण रूप से समर्पित कर देता है तो परिणाम बहुत ही अच्छे सामने आते है। ऐसे ही एक गुरु हैं एलिट इंस्टीच्यूट के संस्थापक निदेशक अमरदीप झा गौतम जी। शिक्षा के साथ संस्कार एवं कुशल व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में इनका व्यक्तित्व सबसे जुदा है। एक जुनून है प्रतिभा को निखारने की जो साल दर साल परिणाम से भी इनके समर्पण को बयां करता है। मेधावी बच्चों को हर प्रकार से मदद करने में भी इनका योगदान सराहनीय है। 


एलिट इंस्टिच्युट ने इंजीनियरिंग व मेडिकल के छात्रों के लिए 50 लाख रुपये स्कॉरशिप का घोषणा किया है। मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कोचिंग का संचालन करने वाले बिहार के सुप्रसिद्ध संस्थान एलिट इंस्टिच्युट ने बिहार के मेधावी छात्र-छात्राओं को 50 लाख रुपये स्कॉलरशिप देने की घोषणा की है। स्कॉलरशिप दिए जाने वाले छात्र- छात्राओं का चयन परीक्षा के द्वारा किया जायेगा। शिक्षक दिवस के अवसर 5 सितम्बर 2017 से इसके लिए आवेदन पत्र दिया जाएगा।

न्यूज़ बिहार से हुई बातचीत में एलिट इंस्टिच्युट के निदेशक अमरदीप झा गौतम ने विस्तार से बताया कि एलिट टैलेंट-सपोर्ट परीक्षा (ETSE) के द्वारा चयनित छात्रों को यह स्कॉलरशिप संस्थान के ज्ञानोदय-योजना के तहत दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका आवेदन-फार्म एलिट इन्स्टिच्युट, पटना के बोरिंग रोड कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। गौतम ने कहा कि इस योजना के शुभारंभ के लिए शिक्षक दिवस 05 सितंबर से बेहतर कोई शुरुआत नही हो सकती थी।

एलिट कार्यालय ने बताया कि आवेदन फॉर्म मात्र 200/- रुपये का शुल्क जमा कर प्राप्त किया जा सकता है। फॉर्म को साफ साफ भर कर इसके साथ दो पासपोर्ट फोटोग्राफ लगाना होगा। साथ में शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की फोटो कॉपी संलग्न कर इसे एलिट कार्यालय में जमा करना होगा।

निदेशक अमरदीप झा गौतम ने कहा ETSE के द्वारा चयनित प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं को चैलेंजर ग्रुप के तौर पर कोचिंग दी जायेगी। इन छात्र छात्राओं को विशेष प्रकार के कोर्स फाउंडेशन, टार्गेट एवं इंटेग्रेटेड तीन तरह के एलिट कोर्स में नामांकन किया जायेगा। सबसे जो विशेष बात एलिट इंस्टीच्यूट की है, वो ये की प्रत्येक कोर्स के एक बैच में मात्र 45 बच्चों का ही समायोजन किया जाता है। निदेशक गौतम का मानना है कि एक वर्ग में 45 बच्चे रहने से सभी पर बराबर निगाह रहती है। जिससे उनके विकास प्रगति और प्रतिक्रिया पर ध्यान रहता है। व्यक्तिगत रूप से एक एक बच्चों के साथ स्वयं वर्ग में गौतम बात करते हैं और पढ़ाते हैं। अनुशासन और मूल विषय पर उनका पूरा पूरा ध्यान रहता है। पढ़ाई के साथ किसी तरह का समझौता अमरदीप झा को स्वीकार नही है। झा ने कहा कि मुझे खुशी है कि ईश्वर ने मुझे यह अवसर दिया। शिक्षा का अलख जगाये रखने के लिए मैं निरंतर क्रियाशील और प्रयत्नशील हूँ। साल दर साल परिणाम बेहतर होने से मेरी ऊर्जा कई गुना बढ़ जाती है। गौतम ने कहा कि बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा निखर कर जब प्रदेश और देश का नाम रौशन करती है तो आत्मीय खुशी मिलती है। इंजीनियरिंग और मेडिकल दो ऐसे क्षेत्र हैं जिसके प्रवेश-परीक्षाओं में एलिट का रिजल्ट हर बार बेहतर होता रहा है। इस बार भी एलिट के बच्चों ने काफी बेहतर किया। झा ने कहा कि मैं जीते जी शिक्षा के इस दिप को हमेशा जलाए रखूंगा।

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