पटना, लोगों की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है सोशल साईट। उसे देखते हुए नई नई टेक्नोलॉजी भी इज़ाद हो रही है। फेसबुक इन दिनों एक नए तरीके की तकनीक पर काम कर रही है। अगर यह तकनीक सफल रही तो आपको अब लिखने से निजात मिल जाएगा। जो आपका मष्तिष्क सोचेगा वो टाइप होना शुरू हो जाएगा। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के पूर्व प्रमुख के नेतृत्व में चलाए गए गोपनीय प्रोजेक्ट से पर्दा हटाते हुए बताया कि कंपनी अब विचार व स्पर्श द्वारा संचार की दिशा में शोध कर रही है। हाल ही में फेसबुक द्वारा लॉन्च बिल्डिंग-8 की शोध तकनीक का प्रयोग करते हुए ब्रेन सेंसिंग पर काम किया जा रहा है। फेसबुक का मानना है कि इस तकनीक के इस्तेमाल से फेसबुक पर टाइपिंग के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी और वह दिमाग जो सोचेगा वो स्वतः टाइप हो जाएगा।

इस आशय की जानकारी ऑफ-8 सम्मेलन में दिया। पेंटागन की डिफेंस एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी DARPA के पूर्व निदेशक जो कि फेसबुक के हेड ऑफ सीक्रेटिव बिल्डिंग-8 के उपाध्यक्ष रेजिना डुगन ने कहा कि कम्पनी बिल्डिंग-8 पर काम कर रहे हैं।

कंपनी ने कहा कि सोशल माध्यम का भविष्य क्रांतिकारी रूप से बढ़ रहा है। रोज तकनीकी रूप से और भी प्रगति के साथ चैलेंज लिया जा रहा है। उसी चैलेंज का परिणाम है कि बिना टाइपिंग के लोगों एक दूसरे से संवाद करने योग्य तकनीक से जुड़ जाएंगे। पिछले काफी दिनों से 60 विशेषज्ञों की टीम दिन रात इस तकनीक पर शोध करने में जुटी है। जल्दी ही हम इसे पूरी तरह से जांच परख कर लोगों के सामने लाएंगे।

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