पटना (अजय कुमार)  ​प्रेस नाथ खन्ना स्मृति आदि शक्ति नाट्य महोत्सव के दुसरे दिन कला जागरण ने शाम 4 बजे कालिदास रंगालय में समकालीन रंग परिदृश्य और कहानी  मंचन पर विचार गोष्टी का आयोजन किया गया,

 मुख्य वक्ता राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के पूर्व निदेशक  देवेन्द्र राज अंकुर ने वर्तमान समय में कहानी मंचन की बढती परम्परा की सराहना करते हुए कहा की नाटक हीं वह माध्यम है

 जो अपनी बात को त्वरित गति से सामने वाले के समक्ष पेश करता है ।। वरिष्ट रंग निर्देशक सुमन कुमार ने धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा की कहानी का नाट्य रुपांतारण और वर्त्तमान परिपेक्ष में एक से अधिक कहानियों को एक साथ मंचित करना कठिन  होता है लेकिन आम जन के बिच सुलभ सम्प्रेषण का कारगर माध्यम साबित हो रहा है, इस अवसर पर अमीयानाथ चटर्जी , कुमार अनुपम, अनिश अंकुर और राजीव रंजन श्रीवास्तव ने भी अपने बिचार व्यक्त किए जबकि संचालन जय प्रकाश यादव ने किया आयोजन में अशोक घोष , रमेश सिंह, धर्मेश कुमार, मधुकांत श्रीवास्तव , गुंजन कुमार, हीरा लाल राय सहित कई वरिष्ट और युवा रंगकर्मी उपस्थित थे 

इस गोष्टी के बाद “सिक्का , चोरी और घुस”

 नाटक का मंचन हुवा, नारी जीवन की व्यथा पर आधारित ममता मेहरोत्रा की कहानी को प्रभावपूर्ण दृश्यों के माध्यम से सुमन कुमार के निर्देशन में प्रसस्तुत किया गया नाटक में मानवीय अवधारणा को लेकर ताने बाने बुने गये , इस नाटक में यूरेका किम , करिश्मा कुमारी , आकाश , तृप्ति कुमारी, मो. सदन , मनु , आदर्श , अभिषेख , अनुपम , राकेश , सितेश , आकाश , मनु , सरविंद , मौसमी , सोनू, अदिति , गुंजन कुमार, हरिकृष्ण , रणविजय सिंह शानदार अभिनय किया ।।

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