न्यूज़ बिहार डेस्क : मनोरंजन : खगौल, सकविस (सम्पूर्ण कल्याण विकास समिति) की नुक्कड़ नाट्य श्रृंखला (प्रत्येक रविवार) की 267 वीं कड़ी में मनोज मिनिस्टर द्वारा लिखित एवं ज्ञानी प्रसाद द्वारा निर्देशित नाटक “पानी रे पानी” की प्रस्तुति खगौल के डाक-बंगला बाजार परिसर में की गई।

    नाटक की शुरुआत-

पानी रे पानी…

पीने के पानी की ना कर बर्बादी

 गीत से होती है

    आज पूरा देश पेयजल की समस्या से जूझ रहा है।पीने के पानी की कमी से चारों ओर त्राहिमाम मचा है। अस्पतालों में भर्ती आधे से ज्यादा लोग दूषित जल पीने की वजह से बीमार हुए हैं। 

लेकिन दूसरी ओर पीने के पानी को बेदर्दी से बर्बाद भी किया जा रहा है। जिन लोगों ने अपने घर में बोरिंग करा रखा है वे पानी को बेहिसाब बर्बाद कर रहे हैं। नतीजा भूगर्भ का जलस्तर तेजी से घट रहा है।स्थिति यही रही तो 2025 तक पीने के पानी का घोर संकट सब लोगों को झेलना होगा। गरीबों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कई जगह सरकारी चापाकल लगाएं गए हैं। लेकिन आधे से ज्यादा चापाकल सिर्फ इसलिए खराब हैं क्योंकि उनकी देखरेख की कोई व्यवस्था नही है।एक बार चापाकल लगा देने के बाद कोई उनकी सुध लेने वाला नही है।

   R.O.(आर.ओ.) पानी के व्यवसाय के नाम पर भी जहां-तहां बड़ी-बड़ी मशीनें लगाकर असीमित पानी का अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है और सरकार भी इस बोतल बंद पानी के व्यवसाय में शामिल है।कई जगह नये अपार्टमेंट बनाये जा रहे हैं,उनके निर्माण में भी अंधाधुंध पीने के पानी का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है।कुल मिलाकर आज समस्या बड़ी ही गंभीर है।

    नाटक बड़ी शिद्दत से पेयजल की इस विकट समस्या को उठाता है और सभी लोगों से अपील करता है कि वे अपने बेहतर भविष्य के लिए अपने आसपास हो रहे पीने के पानी की बर्बादी को रोकें।

  कलाकारों में-मनोज मिनिस्टर, ललित परणामी,सुनील कुमार चौधरी, चन्द्रदेव प्रसाद,सुरेश विश्वकर्मा,सूरज कुमार, अंबिका प्रसाद सिन्हा,विजय कुमार सिन्हा,दीप नारायण शर्मा, कामेश्वर  प्रसाद,ज्ञानी प्रसाद, मास्टर मंजित,प्रिंस परणामी आदि शामिल थे।

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