पद्मावती फिल्म पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा  यह फिल्म बिहार में  तब तक प्रदर्शित नहीं होगी  जब तक  इसके विवाद समाप्त नहीं हो जाते। मुख्यमंत्री के इस फैसले पर युवा जदयू के प्रवक्ता ओमप्रकाश सिंह सेतु ने प्रसन्नता जाहिर किया है। पद्मावती सिनेमा के प्रदर्शन पर बिहार में रोक लगाए जाने की मांग स्वीकार करने के लिए सेतु ने  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को साधुवाद दिया है। ओम प्रकाश सिंह सेतु ने कहा की इस सिनेमा के निर्माता और कलाकारों ने रुपया कमाने के लिए तथ्यों से छेड़छाड़ किया है। इतिहास के साथ छेड़छाड़ कर किसी भी वर्ग या समुदाय की भावनाओं से खिलवाड़ करना बर्दाश्त नही किया जा सकता है।

सेतु ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री का लक्ष्य है न्याय के साथ सबको साथ लेकर विकास करना। आज उन्होंने विवादों में घिरी पद्मावती सिनेमा के प्रदर्शन पर रोक लगा कर सराहनीय फैसला लिया है। मुख्यमंत्री के फैसले के बाद सरकार ने फिल्म पद्मावती पर बैन लगाने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फिल्म से जुड़े मामले की जांच करें और क्लियरेंस मिलने तक राज्य में फिल्म रिलीज नहीं होने दें।

मुख्यमंत्री के इस निर्णय से राजपूत समुदाय में भरोसा और भी पोख्ता हुआ है। काफी समय से इस सिनेमा पर विवाद चल रहा है। बिहार दूसरा राज्य है जिसने पद्मावती सिनेमा के प्रदर्शन और रोक लगाया है। इसके पूर्व गुजरात और मध्य प्रदेश की सरकारें भी इस फिल्म को बैन कर चुकी है। वहीं पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सरकार ने ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ का हवाला देते हुए यह ऐलान किया है कि पद्मावती सिनेमा को राज्य में प्रदर्शित नहीं होने दिया जाएगा।


आज बीजेपी विधायक नीरज कुमार बबलू ने भी विधान सभा के सामने पद्मावती सिनेमा के प्रदर्शन पर रोक लगाए जाने की बात कही थी। बबलू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिल कर फिल्म पद्मावती के प्रति विरोध दर्ज कराया था। नीरज कुमार बबलू ने बताया कि सीएम नीतीश ने फिल्म को लेकर भरोसा दिलाया है कि जब तक इस सिनेमा पर विवाद है तब तक बिहार में सिनेमा के प्रदर्शन पर बिहार में रोक लगा रहेगा।

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि पद्मवती सिनेमा को लेकर चौतरफा विवाद हो रहा है। पहले इसका विरोध करनी सेना ने निर्माण के समय मे भी किया था। उसके बाद फ़िल्म के लोकेशन को बदला गया था। तब से लेकर अब तक लगातार विरोध हो रहा है। आलम ये है कि अब इस पद्मावती सिनेमा के विरोध में और कई संगठन भी खुल कर सामने आ गए हैं। पद्मावती सिनेमा पर बिहार के साथ गुजरात मध्य प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सरकार के द्वारा रोक लगाया जा चुका है।
सरकारों का कहना है कि ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करने और लोगों की भावना आहत हो इस तरह के सिनेमा को प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए।

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