चुनाव तो गुजरात मे हो रहा है पर सियासत बिहार में तेज हो गई है। तेजस्वी द्वारा  गुजरात के युवा नेता हार्दिक पटेल से नीतीश कुमार के संबंध पहले और अब को लेकर तंज कसा गया। इस पर जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने पलटवार किया। उसके बाद से बिहार की सियासत में दोनों के समर्थक टूट पड़े।

नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव के बयान पर कहा कि राजनीति में मनुष्य को बेचैन आत्मा की तरह प्रलाप नहीं करना चाहिए। आपके पिता लालयु प्रसाद सजायाफ्ता हैं, गुजरात के चुनाव में उम्मीदवार तो मिला नहीं अब तो चुनावी प्रक्रिया अंतिम दौर में है। आपके पिता इतने कुपात्र कैसे हो गए कि कोई चुनावी प्रचार के लिए भी नहीं बुलाता है।

इस बात को कहते हुए नीरज कुमार तेजस्वी के ट्वीट को कोट किये। उसके बाद तो राजद के लोग टूट पड़े। नीरज कुमार के ट्वीट के बाद खूब जम कर लोगों ने अपना भंडास निकाला। एक व्यक्ति ने लिखा कि आपकी पार्टी गुजरात मे चुनाव लड़ रही है। फिर भी अर्चना एक्सप्रेस के मालिक नितीश वहाँ प्रचार करने नही जा रहे है। आपलोगो को शर्म नही आती?

एक अन्य व्यक्ति ने लिखा कि वैसे राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के अहमद पटेल के पक्ष में किनके विधायक वोट किये थे। सजायाफ्ता लालू को अपने पार्टी के उम्मीदवारों के चुनाव प्रचार करने जरूर जाना चाहिए। वैसे गुजरात मे कोई भी उम्मीदवार राजद का नही है पर जडयू ने तो गुजरात मे अपना प्रत्यासी खड़ा किया है। फिर भी चुनाव प्रचार में नहीं जार रहे कोई कुपात्र ही होगा जो अपने उम्मीदवारों का प्रचार करने नहीं जायेगा।

राजद के समर्थक यहीं नही रुके, कई ने कहा कि भाजपा की गोद मे जा कर बैठ गए हैं नीतीश कुमार। जदयू का अंतिम दौर चल रहा है क्योंकि समता पार्टी के दौर से ही नीतीश कुमार ने समाजवादी विचारधारा को दया का पात्र बना दिया है। अपने पास तो कोई जनाधार है नहीं, बस बैशाखी के सहारे सत्ता में बने रहे अब तक। जदयू के समाप्ति का वर्ष 2019 भाजपा ने मुकर्रर कर दिया है।

आपको बता दें कि जदयू और राजद में तल्ख बयानों का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है। नीरज कुमार तेजस्वी यादव के जिस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दिए वो है “नीतीश जी बताए विगत वर्ष जनवरी में उन्होंने हार्दिक पटेल के गुजरात में किसान रैली में शिरकत करने के न्यौते को स्वीकार करने के बाद फिर मना क्यों किया? किस डील व डर से पीछे हटे या धोखा देना ही नियति है? उसके बाद से जैसा कि सबको पता है एक एक बयान पर जदयू और राजद की तरफ से शब्दबाण का तीर तलवार हमेशा खींच जाता है। इस बयान पर भी बिल्कुल वही हुआ।

राजद

Subscribe us on whatsapp