आरा : शाहपुर स्थित एक निजी अस्पताल में डाक्टर की लापरवाही से प्रसव पीड़ित महिला की मौत ऑपरेशन के दौरान हो गई । मौत के बाद परिजनों ने महिला के शव को अस्पताल के मेन गेट पर रखकर हो- हंगामा किया। कुछ स्थानीय लोगों ने भी नाराजगी जताई। परिजनों और आम लोगों के रोष को देखते हुए अस्पताल के सभी डॉक्टर, कम्पाउडर व प्रबंधक अस्पताल बंद कर फरार हो गये।

मृत महिला शाहपुर भरौली के रंजीत चौधरी की पत्नी धर्मशीला देवी बतायी गयी है। वहीं कुछ लोग मृतका के परिजनों को मुआवजा दिला मामले को रफा-दफा कराने के प्रयास में थे। कुछ लोगों के समझाने-बुझाने के बाद परिजन शव लेकर चले गये।

जानकारी के अनुसार प्रसव कराने को ले महिला को बीते तीन दिसम्बर को उक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार की रात डॉक्टर ने धर्मशीला का ऑपरेशन किया। जब स्थिति बिगड़ने लगी तो महिला को परिजनों से बिना बताये एम्बुलेंस से आरा के एक निजी अस्पताल इलाज हेतु ले गये, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई । फिर भी आरा अस्पताल ले गये। मृत महिला के पति रंजीत चौधरी ने बताया कि भर्ती के बाद से अस्पताल कर्मी से पूछा जा रहा था पर कोई स्पष्ट बात नहीं बताई जा रही थी। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं मौके पर जुटे स्थानीय लोगों ने बिन लाइसेंस लिए शाहपुर में अवैध रूप से निजी अस्पताल व मेडिकल दुकानें चलाये जाने का आरोप लगाया।

शाहपुर नगर पंचायत के अध्यक्ष वशिष्ठ प्रसाद और उपाध्यक्ष रमेश राम ने सिविल सर्जन से ऐसे अस्पतालों और दवा दुकानों की जांच कराये जाने की मांग उठाई। पार्षद प्रतिनिधि चंदन पाण्डेय, अंकित पाण्डेय और पिन्टू पाण्डेय ने भी अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों की जांच कर कार्रवाई की मांग सीएस, डीएम व स्वास्थ्य मंत्री से की। मृतक की दादी व भरौली आंगनबाड़ी की सेविका बिन्दा देवी ने कहा कि बार-बार पूछे जाने के बावजूद इस अस्पताल के कम्पाउंडर या डॉक्टर कोई जबाब नहीं देते थे। लापरवाही के कारण उनकी बहू की मौत हो गई। उसे बच्ची हुई थी, जबकि उसे पहले से भी दो बच्चियां रिया (5) शिवानी (7) हैं। अब कौन इन बच्चियों को देखेगा?

मां के खोने का दर्द अब बच्चियां कैसे सहन करेंगी… आदि बातें कह फफक-फफक कर रोती-बिलखती रही ।

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