राजद के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने जदयू एवं भाजपा नेताओं को अपने बयानों में संयमित और मर्यादित भाषा का प्रयोग करने का सलाह दिया है अन्यथा राजद भी जवाब देना जानती है। 

    राजद नेता ने कहा है कि जदयू और भाजपा के नेता लालू जी, तेजस्वी जी एवं उनके परिवार की चिंता न करें। वे यदि मुख्यमंत्री नीतीश जी एवं उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी जी की चिंता करते तो उनके लिए ज्यादा बेहतर होता। क्योंकि बहुत जल्द ही ये दोनों नीतीश जी और सुशील मोदी जी सृजन घोटाले के घेरे में आने वाले हैं। 
    उन्होंने कहा है कि बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों के साथ ही प्रदेश की दिन पर दिन बिगड़ती कानून व्यवस्था से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा-जदयू नेताओं द्वारा अनर्गल बयानबाजी की जा रही है। ़बाढ़ पीड़ितों के बीच जाने का वे हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी हवाई पिकनिक मनाकर पटना में समीक्षा कर रहे हैं तो उपमुख्यमंत्री अपने पुराने बयानों की ही पुनरावृति में पत्रकार सम्मेलन करने में व्यस्त हैं। जदयू-भाजपा के प्रवक्ता अपने आकाओं को खुश करने के लिए केवल बतलोबाजी कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावितों का सुधी लेने का सरकारी दल के नेताओं को फुरसत नहीं है। और जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और लोगों का दुख दर्द बांट रहे हैं तो भाजपा-जदयू नेता परेशान हो रहे हैं।
    राजद नेता ने कहा है कि जिस प्रकार गत 27 अगस्त, 2017 को पटना में हुई देश बचाओ-भाजपा भगाओ रैली को विफल करने के लिए कई प्रकार की साजिशें रची गई। उसके बावजूद भी रैली ऐतिहासिक रूप से सफल रहा। उसी प्रकार आगामी 10 सितम्बर, 2017 को भागलपुर में आयोजित सृजन के दुर्जनों का विसर्जन महासभा को प्रभावित करने के लिए भी सुनियोजित तरीके से केन्द्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर साजिश किया जा रहा है।