न्यूज़ बिहार डेस्क, ​पटना, बिहार एनडीए के बीच सब कुछ ठीक नही चल रहा है! बिहार में जदयू, भाजपा के साथ एनडीए की सरकार हैं। हालांकि जब से सरकार बनी तब से सब कुछ ठीक होने का दावा किया जा रहा है। परंतु बहुप्रतीक्षित केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार में जदयू को अंतिम समय तक आमंत्रित नही किया जाना सब कुछ बयां कर रहा है। वैसे चर्चा जोरों पर थी कि जदयू कोटा के दो नेता केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होंगे। पर केंद्रीय मंत्रिपरिषद का विस्तार काल रविवार 03 सितम्बर को संभावित है।

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के सीएम ने इस चर्चा को कुछ ऐसा कह कर हवा दे दिया है जिससे इस पूरे घटनाक्रम पर लोग सोच में पड़ गए हैं। एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को यह कह कर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया कि उन्हें अभी तक केंद्रीय कैबिनेट में शामिल होने का निमंत्रण ही नहीं मिला है। उक्त बातें कार्यक्रम से बाहर निकलने के दौरान मीडियाकर्मियों द्वारा उनसे पूछे गए केंद्रीय कैबिनेट में शामिल होने से संबधित सवाल पर कहा। नीतीश कुमार ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट में जदयू के शामिल होने की बात हमने मीडिया से सुनी है। हमें अब तक इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं आया है।

नीतीश कुमार के इस बयान पर प्रदेश में एक अलग तरह की चर्चा गर्म हो गई है। लोगों का कहना है कि महागठबंधन से अलग होने के बाद नीतीश कुमार पछता रहे हैं। उन्हें इस बात का भी पछतावा हो रहा है कि इसी माह 19 अगस्त को आयोजित जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जदयू को एनडीए में शामिल भी कर चुके हैं। सभी यह मान थे थे कि इसके पीछे केंद्रीय कैबिनेट में शामिल होने का रास्ता बनाया गया है। पर नीतीश कुमार के फैसले आसानी से समझ मे नही आते हैं। हालांकि जदयू महासचिव कैसी त्यागी के द्वारा भी इस बात की पुष्टि की गई है। उन्होंने कहा है कि जदयू को अभी तक केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने का कोई प्रस्ताव नही मिला है। अगर एनडीए या प्रधानमंत्री की तरफ से कोई प्रस्ताव आता है तो विचार किया जाएगा।

सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार शायद मंत्रिमंडल के विभागों को लेकर दोनों के बीच पेंच फँसा है। अभी वक्त काफी है जब 12 घण्टे में इस्तीफा देकर पुनः सरकार बन सकती है तो मंत्रिमंडल बनने का राह भी निकल ही जायेगा।