आरा : आरा में फर्जी विधायक के सात दिनों तक सर्किट हाउस में रहने की खबर से जिला प्रशासन के हाथ पांव फूले हुए हैं.

दरअसल, रांची का रहनेवाला अमरेंद्र कुमार सिंह नाम का एक मसाला व्यवसायी 7 दिनों तक फर्जी विधायक बनकर भोजपुर के सर्किट हाउस में एक अपह्रत युवती के साथ मौज करता रहा और किसी को इस बात की भनक तक नहीं लगी. सर्किट हाउस के कर्मचारियों को उसकी गतिविधियों को देखकर थोड़ा शक जरुर हुआ था लेकिन विधायक की हनक के आगे उनकी एक न चली.

जानकारी के मुताबिक फर्जी विधायक बने एक मसाला व्यवसायी अमरेंद्र कुमार सिंह ने 14 दिसंबर को ही भोजपुर जिलाधिकारी के ओएसडी को फोन कर सर्किट हाउस का एक कमरा बुक करा लिया था। 16 दिसंबर को फर्जी विधायक बनकर एक युवती के साथ आरा स्थित सर्किट हाउस पहुंचा और 7 दिनों तक उसके साथ मौज-मस्ती की. इस बीच सर्किट हाउस के कर्मचारियों ने जब भी उससे किराए की मांग की तो वो पैसे बाद में देने का बहाना बना टालमटोल करता रहा.

सच्चाई सामने आने के बाद सर्किट हॉउस के कर्मचारियों सहित पूरे भोजपुर जिला प्रशासन के होश फाख्ता हो गए. इस बात का खुलासा फर्जी विधायक की रांची से आई पत्नी शालिनी ने नवादा थानाध्यक्ष के सामने की, जबकि इससे पहले अपने पति से फोन पर बात कर वो आरा आई थी. आरा में उसके पति ने अकेले ही उससे सर्किट हाउस के पास मुलाकात की और फिर चकमा देकर फरार हो गया. इधर नवादा थाने में शिकायत करने के बाद नवादा थाने की पुलिस जब मामले की जांच के लिए सर्किट हाउस पहुंची तो वहां पर सारा सामान छोड़ कर वो फर्जी विधायक अपने साथ मौजूद अपह्रत युवती के साथ फरार हो चुका था.

शालिनी ने बताया कि जिस युवती के साथ उसने सर्किट हॉउस में मौज-मस्ती की वो पश्चिम बंगाल के आसनसोल की रहनेवाली है जिसके अपहरण का केस 6 नवंबर को आसनसोल के एक थाने मे दर्ज कराया गया था. इस घटना के बाद अपह्रत युवती के परिजन और थाने के लगातार आ रहे फोन कॉल से शालिनी परेशान हो गई थी जिसके बाद उसने अपने पति से संपर्क किया और उससे मिलने आरा चली आई, लेकिन इस बार भी उसका पति उसे चकमा देकर फरार हो गया.

नवादा थानाध्यक्ष ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच को एक पुलिस पदाधिकारी को भेजा गया था, हालांकि महिला ने इस संबंध में कोई आवेदन नहीं दिया है. इधर घटना सामने आने के बाद सर्किट हाउस के कर्मचारी सकते में हैं.

Subscribe us on whatsapp