पटना के लोगों के लिए खुशखबरी है । अब यहां के मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा क्योंकि इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में अब दिल में छेद को बंद करने की सुविधा बहाल होने जा रही है। आईजीआईसी में इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गयी है।

प्राइवेट अस्पतालों में दिल के छेद की सर्जरी कराने के लिए मरीजों को डेढ़ से दो लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं जबकि आईजीआईसी अस्पताल में यह सुविधा पूरी तरह से नि:शुल्क रहेगी। अस्पताल अधिकारियों की मानें तो इस माह के अंत तक यह सुविधा बहाल कर दी जायेगी।

आईजीआईसी के निदेशक डॉ एसएस चटर्जी ने कहा कि आमतौर पर दिल में छेद की बीमारी गर्भ में रहने के दौरान ही बच्चे के हृदय में हो जाती है। हृदय के ऊपरी दो कक्षों के बीच की दीवार में छेद हो जाता है।इस छेद के कारण रक्त एक चैंबर से दूसरे में अनावश्यक रूप से लीक होने लगता है, और इसके कारण हृदय के कार्य करने की प्रक्रिया पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों के दिल में छेद हो, तो इसकी जानकारी स्टेथोस्कोप के द्वारा भी लग जाती है।

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