हो गया फैसला, पटना को स्पेन की कंपनी बनाएगी स्मार्ट। राजधानी पटना को स्मार्ट बनाने की दिशा एक महत्वपूर्ण निर्णय काल मंगलवार को लिया गया। शहर को स्मार्ट बनाने का जिम्मा स्पेन की कंपनी इप्तिशा को दिया गया है। कंपनी का पूरा नाम इप्तिशा सर्विसियस डी इंजीनियरिया एसएल है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की तीसरी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में प्रेजेंटेशन देखने के बाद स्पेन की इस कंपनी को लेटर ऑफ ऑक्यूपेंसी देने की स्वीकृति दी गई। साथ ही प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (पीएमसी) के रूप में कार्य करने की अनुमति दे दी गई।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैठक स्मार्ट सिटी लिमिटेड पटना के अध्यक्ष सह प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि पीएमसी के लिए चयनित एजेंसी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन कर्नाटक का ज्वाइंट वेंचर है। यह कंपनी जयपुर, उदयपुर और आंध्रप्रदेश के काकीनाडा को स्मार्ट बनाने का कार्य कर रही है। जबकि इंदौर शहर को स्मार्ट बनाने में यह कंपनी टेक्निकल एडवाइजर की भूमि निभा रही है। विश्व के 45 से अधिक देशों में यह कंपनी 1800 से भी अधिक प्रोजेक्ट पर कार्य कर रही है। भारत और बांग्लादेश में इस कंपनी के 438 विशेषज्ञ हैं। कंपनी के कार्य अनुभव के कारण ही चयन किया गया है। जापान सहित चार अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियां इस प्रतियोगिता में अलग हो गई। पीएमसी को पटना को स्मार्ट बनाने के लिए 43 विशेषज्ञों को रखने की स्वीकृति बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में दे दी गई है।

प्रोजेक्ट के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि स्पेन की कंपनी ने पीएमसी के रूप में चयनित होने के बाद प्रेंजंटेशन दिया। इसमें कंपनी के अनुभवों की विस्तृत जानकारी दी गई। अन्य शहरों को स्मार्ट बनाने के तरीके को विस्तार से दिखाया गया। बैठक में उम्मीद जताई गई कि स्पेन की कंपनी के अनुभव का लाभ पटना शहर को मिलेगा। स्मार्ट सिटी बनाने में त्वरित गति मिलेगी। बैठक में कंपनी के निदेशक के रूप में मेयर सीता साहू, जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल, कंपनी के एमडी सह निदेशक अभिषेक सिंह, नगर विकस विभाग के उप सचिव केडी प्रज्जवल एवं वित्त विभाग के उप सचिव विनोद कुमार तिवारी मौजूद थे।

आनंद किशोर ने बताया कि पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड का कार्यालय बिस्कोमान टावर के 5वीं मंजिल पर बन रहा है। छह हजार वर्ग फीट में कार्यालय रहेगा। कार्यालय उपयोग के लिए फर्नीचर, कंप्यूटर सिस्टम क्रय करने के लिए कंपनी के एमडी को अधिकृत किया गया। कार्यालय का निर्माण बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड कराएगा। 95.30 लाख रुपये खर्च होने जा रहा है।

इस प्रोजेक्ट पर कुल 2776 करोड़ रुपये खर्च किये जाने की योजना है। इस के तहत शहर के 836 एकड़ भू-भागोंको स्मार्ट बनाने की तैयारी है। इसके लिए 2776 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें केंद्र और राज्य सरकार 500-500 करोड़ रुपये देगी, जिससे विभिन्न विभागों की योजनाएं और पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर निर्माण होने वाले कार्य किए जाएंगे। एरिया वेस्ट डेवलपमेंट योजना के तहत 2542.54 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें गांधी मैदान से आर ब्लॉक के क्षेत्र का विकास होगा। इस क्षेत्रफल में बांसघाट से कारगिल चौक, गांधी मैदान, एक्जीबिशन रोड, स्टेशन, जीपीओ गोलंबर, वीर कुंवर सिंह पार्क, आर ब्लॉक चौराहा, वीरचंद पटेल पथ, आयकर गोलंबर और मंदिरी नाला के बीच का भाग शामिल है। मंदिरी नाला को पाटकर फोरलेन सड़क बनाने की योजना है। कलेक्ट्रेट से बांसघाट के बीच के क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए 26.92 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शहर को हरा-भरा रखने के लिए ई-रिक्शा और ई-बस को बढ़ावा देगा। 433 करोड़ की लागत से पटना स्टेशन को विकसित होगा। बांकीपुर बस पड़ाव को टर्मिनल को व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स की तरह विकसित करने के लिए 175 करोड़ खर्च होंगे। निचली मंजिल में बस पड़ाव और ऊपरी मंजिल में मॉल की तर्ज पर शोरूम, रेस्टोरेंट और कार्यालय होंगे।

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