राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी शुक्रवार को सहरसा जेल में बंद पूर्व सांसद आनंद मोहन से जेल में जाकर मुलाकात की। पूर्व सांसद से मिलकर जेल से बाहर आने के बाद तिवारी इसे भले ही शिष्टाचार मुलाकात बता रहे हों, लेकिन इसको लेकर बिहार का सियासी पारा चढ़ गया है। इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (युनाइटेड) ने भी इस मुलाकात पर तंज कसा है। राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने शुक्रवार को सहरसा जेल में बंद पूर्व सांसद आनंद मोहन से मुलाकात की। दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। मुलाकात के बाद शिवानंद तिवारी ने कहा, “आनंद मोहन अच्छे व्यक्ति हैं, उन्हें फंसाया गया है। इस मुलाकात के कोई सियासी मायने नहीं निकाले जाने चाहिए, यह शिष्टाचार मुलाकात थी। उन्होंने कहा, “वे हमारे पुराने मित्र हैं, उनके चुनाव में भी हमलोग प्रचार कर चुके हैं।

आनंद मोहन वर्ष 1994 में गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी़ कृष्णया की हत्या के मामले में सजा काट रहे हैं। इस मामले में पटना उच्च न्यायालय ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। इधर, जद (यू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि राजद के लिए अब यही दिन शेष था। नीरज ने कटाक्ष करते हुए कहा, “राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद भ्रष्टाचार में सजा काट रहे हैं और अदालत का चक्कर लगा रहे हैं। उधर, राजद के ‘बाबा’ (तिवारी) जेल जाकर हत्या के मामले में सजा काट रहे लोगों से मदद की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने राजद को नसीहत देते हुए कहा, “अदालत और जेल से बाहर भी दुनिया है, परंतु जैसी पार्टी वैसा संस्कार। जैसी करनी, वैसी भरनी। उल्लेखनीय है कि आनंद मोहन की छवि दबंग की रही है। उनकी पकड़ राजपूत जातियों पर मानी जाती है। पूर्व सांसद की पत्नी लवली आनंद ने भी 1994 में वैशाली लोकसभा का उपचुनाव जीतकर राजनीति में प्रवेश किया था। आंनद मोहन ने अपनी पार्टी बिहार पीपुल्स पार्टी का गठन भी किया था।

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