न्यूज़ बिहार डेस्क, राजकाज भाजपा के बिहार की सत्ता में आते ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेर बदल और जदयू की भागिदारी तय करने के लिए दबाव बढ़ गया है। सूत्रों में अनुसार जो जानकारी मिल रही है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी कैबिनेट में अगले एक-दो दिन में अहम बदलाव कर सकते हैं। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भाजपा और एनडीए में शामिल दलों के बीच माथापच्ची जारी है। अध्यक्ष अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मंत्रियों के बीच लगातार बातचीत का दौर जारी है।

इस बीच बिहार कोटा के कुछ मंत्रियों के द्वारा स्तीफा दिए जाने की पेशकश चर्चा में है। इस चर्चा के साथ कुछ और भी चर्चा जोर पकड़ने लगी है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि इन सब के पीछे अपने विरोधियों को किनारा लगाने की साज़िश रचने की बू आ रही है। लोगों का कहना है कि इनके पीछे दो पुराने दोस्त जो काफी दिनों बाद साथ आये हैं उनका प्रभाव दिख सकता है। जदयू के कारण बिहार के दो मंत्रियों की छुट्टी होना तय माना जा रहा है। कौन रहेगा और कौन जाएगा वो नए बॉस पर निर्भर है। एक बार फिर बिहार की सियासत में भीतर ही भीतर उबाल आने लगा है। चार साल बाद फिर साथ आये दोनों दल के साथ साथ एनडीए में शामिल अन्य दल के नेताओं में भी असुरक्षा के भाव हैं।