बच्चों का सर्वांगीण विकास हमारा उद्धेश्य है, विषय शिक्षा के साथ अन्य क्रियाकलापों पर भी हम ध्यान देते हैं- अमरदीप झा गौतम। आज पटना में एलिट इंटीट्यूट द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन होटल मैट्री ईन (Hotel Matry Inn) बोरिंग रोड़ में किया गया। एलिट के संस्थापक सह निदेशक अमरदीप झा गौतम ने स्वयं इस कार्यक्रम का संचालन किया।

यह कार्यक्रम जिसे लयबद्ध कार्यवाई “Rhythmic-Action” नाम दिया गया था। इसमें बच्चों को उनकी प्रतिभा के लिए संम्मानित किया गया। दर्जनों बच्चों को शिक्षण के साथ उनके अतिरिक्त योग्यता, नृत्य, संगीत, कविता, कॉमेडी, मंच संचालन, भाषण जैसे कई विधाओं में उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रमाण पत्र, मेडल और अंगवस्त्र प्रदान किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत में विशिष्ठ अतिथि न्यूज़ बिहार के निदेशक एवं समाजसेवी विजय मिश्र बाबा को स्वयं एलिट इंस्टिट्यूट के संस्थापक, निदेशक अमरदीप झा गौतम ने अंगवस्त्र प्रदान कर स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में इर्शादुल हक और वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश्वर मिश्र को संस्थान के अंग्रेजी शिक्षक द्वारा अंगवस्त्र प्रदान कर स्वागत किया गया। बच्चों को विशिष्ट एवं मुख्य अतिथि के द्वारा प्रमाणपत्र, मोमेंटो और अंगवस्त्र दिया गया। 

कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करते हुए अमरदीप झा गौतम ने कहा कि जब तुम प्रेम में होते हो तो तुम कुछ नहीं करते। तुम्हारा प्रेम ही तुमसे सबकुछ करवा देता है। इसी तरह जब तुम क्रोध में होते हो तो तुम कुछ नहीं करते, तुम्हारा क्रोध तुमसे वो सब करवा देता है। मन, विचार और आत्मा पर नियंत्र करने का माध्यम है ज्ञान और गीत संगीत नृत्य इस मार्ग के सहयोगी जो मन को उस निश्चित स्थान अर्थात तुम्हें जो बनना है उस सोच तक तुम्हें ले जाते हैं। आपकी कल्पना, लक्ष्य और जो करना है उसको साकार करना उस पर विचार करना होगा। आपके द्वारा किये गए विचार और उसे सुगम बनाने के लिए ज्ञान, विज्ञान, कला और संगीत सभी को लयबद्ध करना होगा। आप जैसे ही खुद को इन सभी के साथ लयबद्ध करेंगे आपको मंजिल आसाम लगने लगेगी। उक्त बातों को रखते हुए एलिट इंस्टिच्यूट के संस्थापक/निदेशक अमरदीप झा गौतम ने अपनी बातों को बफी सहज अंदाज में बच्चों के बीच रखा।
पटना की इस प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान एलिट इंस्टिच्यूट के निदेशक अमरदीप झा गौतम इस कार्यक्रम में उपस्थित सैकड़ों बच्चों के बीच एक शिक्षक के साथ एक गुरु और मार्गदर्शक की भूमिका में थे। छात्रों को उनके जीवन में सफलता प्राप्ति के प्रति प्रेरित करने का अद्भुत कौशल अमरदीप झा गौतम में दिखा। उन्होंने बताया कि आप अपने मन पर जोर जुल्म से नियंत्रण पाने के बजाये उसके साथ तारतम्यता स्थापित करें। एक लयबद्धता कायम करें और फिर आप कल्पना करें कि जो आप बनना चाहते हैं वह बन गये हैं। आप सफल डाक्टर, इंजीनियर बनना चाहते हैं तो विचार करें कि आप बन गये हैं। अपने मन को इसके लिए तैयार करें। जब आप खुद को इसके लिए तैयार करेंगे तो आप का मन खुद ब खुद उस दिशा में अग्रसर होने लगेगा। तब आप महशुश करेंगे कि आपमें असीम ऊर्जा का संचार होने लगा हूँ और आप अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में हैं।

अमरदीप झा गौतम ने बताया कि आज के कार्यक्रम का नामकरण करने के पीछे उनका यही उद्धेश्य रहा है। जीवन मे अपने लक्ष्य का संधान करने के लिए खुद को रिदमिक यानि लयबद्ध कर के ही उसकी प्राप्ति संभव है। बच्चों ने अपने गुरु, मेंटर और मार्गदर्शक का तालियों से स्वागत किया काफी समय तक तालियां बजती रही।

Subscribe us on whatsapp