पटना, न्यूज़ बिहार डेस्क, बहुचर्चित निखिल प्रियदर्शी मामले में एक नया मोड़ आया है। सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार कांग्रेस नेता ब्रजेश पांडेय को सुप्रीमकोर्ट से जमानत मिल गई है। आपको बता दें कि इस मुकदमे से जुड़े प्रक्रिया पर सुप्रीमकोर्ट ने नराजगी भी जताया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरे मुकदमे की पुनः समीक्षा की जाएगी। वहीं इस केस से जुड़ी लड़की की मुश्किलें बढ़ सकती है। अदालत ने पॉस्को एक्ट के दुरुपयोग पर भी चिंता जताया है।

आपको बता दें कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इन हाइप्रोफाइल केस में फंसे बिहार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष की गिरफ्तारी के आदेश जारी किया था। ब्रजेश पांडेय पर पूर्व कांग्रेस नेता की बेटी ने यौन शोषण का आरोप लगा, जिसके बाद पाण्डे द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में अपील की गई थी। आरोप के प्रथम दिन से ही ब्रजेश पांडे का कहना है कि उन्हें झूठ मुठ का फंसाया जा रहा है वो बिल्कुल निर्दोष हैं। यह कांग्रेस को बदनाम करने की शाजिश है। बिहार कांग्रेस के बढ़ते जनाधार से घबराए हुए लोगों की गंदी मानसिकता का उपज है इस तरह का घिनौना आरोप। उन्होंने यह भी कहा था कि झूठ हमेशा हारा है मुझे न्याय व्यवस्था और पूरा पूरा भरोसा है।

कुछ दिनों पूर्व कांग्रेस नेता की बेटी ने ब्रजेश पांडेय पर यौनशोषण का आरोप लगाया था। उनके साथ इस वारदात में उसने एक पूर्व आइएएस के बेटे निखिल प्रियदर्शी को मुख्य आरोपी बनाया था। आरोपों के बाद ब्रजेश पांडे ने कांग्रेस के सभी पद से इस्तीफा दे दिया था। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण इस ओर सभी की निगाहें टिकी हुई थी। हालांकि इस दौरान इस केस में कई मोड़ आये। शुरू से ही इस केस में पाण्डे फँसाये जाने की बात कहते आ रहे थे। न्यायालय के आदेश के बाद ब्रजेश पाण्डे काफी राहत महशुस कर रहे होंगे।

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