न्यूज़ बिहार डेस्क, पटना : केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल में एनडीए के घटक दलों का नही शामिल होना सब कुछ ठीक नही चल रहा उसका अंदेशा पैदा कर रहा था। कल हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद से शिवसेना जिसने इसका वहिष्कार किया था खुल कर सामने आ गई है। विस्तार से एक बार फिर से एनडीए में फूट पड़ती हुई दिखाई दे रही है। नाराज शिवसेना द्वारा सभी वरिष्ठ नेताओं की आपात बैठक बुलाई गई है।

आपको बता दें कि केंद्रीय कैबिनेट के विस्तार से काफी नाराज चल शिवसेना के नेता संजय राउत ने इस बार के विस्तार को एनडीए की मौत करार दिया है। आज के बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र कैबिनेट के मंत्री भी हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि केंद्र में एनडीए की सरकार बनने के दिन से ही शिवसेना और भाजपा के संबंध अच्छे नही हैं। हर मौके पर दोनों तरफ से शब्दबाण का प्रहार होता रहा है। परंतु इस बार स्थिति कुछ अलग है क्योंकि चार साल बाद जदयू खेमा फिर से एनडीए का हिस्सा बना है। नीतीश कुमार के आने के बाद से एनडीए में अन्य दलों की ताकत बढ़ी है। न शिवसेना और न ही नीतीश कुमार चुप बैठने वाले हैं।

दूसरी तरफ सूत्रों से प्राप्त जानाकरी में कहा गया है की एनडीए की नई सहयोगी जेडीयू भी इस विस्तार से खुश नहीं है। नीतीश कुमार और केसी त्यागी इस बारे में दबी जुबान में अपनी चिंता व्यक्त कर चुके हैं। केसी त्यागी ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि मंत्रिमंडल में शामिल ना किए जाने से हम लोग निराश नहीं है, परंतु हमें यह उम्मीद थी कि जिस ढंग से बिहार में बीजेपी और जेडीयू मिलकर सरकार चला रहे हैं, केंद्र में भी जदयू के लोगों को शामिल किया जाएगा।

कैबिनेट विस्तार में इस बार न जेडीयू और न ही शिवसेना की ओर से एक भी प्रतिनिधि के शामिल हुआ। इसके बाद से ही अनबन होने का आभाष हो गया था। भले ही जदयू इस बात को छिपाने का प्रयास करे पर सच्चाई ये है कि जदयू के लोगों में मायूसी है। शिवसेना और जदयू का मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल नही होना कहीं न कहीं सीटों के बंटवारे से उपजी नाराजगी है। आगर देखना होगा कि जदयू और शिवसेना एनडीए में क्या गुल खिलाते हैं।

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