पटना, आज रविवार दिनांक 11 जून 2017 को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा आरा-छपरा पुल और पटना दीघा-सोनपुर पुल के पहुंच पथ का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, शिक्षा सह आईटी मंत्री डॉ अशोक चौधरी, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद एवं अन्य उपस्थित थे। गंगा नदी पर बने ये दोनों पुल बिहार के ढांचागत विकास की एक कड़ी के रूप में सामने हैं।

ये दोनों पुल बिहार की एक बड़ी आबादी के लिए जीवन रेखा सेतु के रूप में समान हैं। उत्तर बिहार से कमजोर हो चुके गांधी सेतु के ठीक करने और लगातार मरम्मत कार्य होते रहने के कारण अक्सर लोगों की जान तक जा रही है। जाम और एक तरफा संचालन से लोग एयर व्यवस्था अस्त व्यस्त हो गई है। ऐसे में इन दोनों पुलों का महत्त्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है।

पुल के उद्घाटन में विपक्ष की तरफ से कोई शामिल नहीं था। इस पुल के उद्घाटन के साथ ही श्रेय लेने और इस पर सियासत करने का माहौल भी काफी गर्म है। बात-बात पर बिहार सरकार की नुक्ताचीनी करने करने वाली बीजेपी, एवं एनडीए की तरफ से लालू के जन्म दिन पर नीतीश द्वारा दिया गया तौफा प्रदेश के साथ धोखा है। वहीं बक्सर सांसद ने कहा है कि सरकारी कार्यक्रम में लालू जैसे सजायाफ्ता कई मामलों के आरोपी और बेल पर घूमने वाले को मंच पर बैठाना और शिलापट्ट पर नाम गोदवाना नीतीश कुमार की सत्ता के प्रति समझौता को दर्शाता है। कांग्रेस ने इस पल को उत्तर बिहार का लाईफ लाईन कहा है।

पटना, गंगा नदी पर दीघा-सोनपुर को जोड़ने वाले पुल का जायजा आज न्यूज़ बिहार के संपादक नमन मिश्र लिए तथा इसका लाईव प्रसारण कर लोगों की खुशियों को दिखाया। लोगों में काफी खुशी है एक बार फिर से लोग पटना से सीधे जुड़ने से काफी संतुष्ट हैं। रोजी रोटी, दैनिक जरूरत एवं इलाज़ के लिए अब पटना आना आसान हो जाएगा। ये दोनों ही पुल बिहार के वर्तमान को भविष्य के सुनहरे दिनों तक ले जाने के साक्षी बनेंगे।

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